ज्वेलर्स और ज्वेलरी शोरूम के लिए WhatsApp ऑटोमेशन: डिज़ाइन, भाव और बुकिंग
डिज़ाइन की तस्वीरें कैटलॉग से, आज का भाव और मेकिंग चार्ज नियम से, अवसर और बजट पर क्वालिफ़ाई, शोरूम विज़िट बुक, एडवांस UPI से चैट में — और त्योहार से पहले सही ग्राहक को सही कलेक्शन।
Linkubit ज्वेलर्स की WhatsApp पूछताछ का जवाब कैटलॉग की तस्वीरों से देता है, अवसर, बजट और पसंद पूछता है, आज का भाव और मेकिंग चार्ज आपके नियम से बताता है, शोरूम विज़िट बुक करता है और एडवांस UPI से चैट में लेता है। दिवाली और शादी के सीज़न में सही ग्राहक को सही कलेक्शन, बिना हर एक को हाथ से भेजे।
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ज्वेलरी की पूछताछ अलग क्यों है
ग्राहक तस्वीर से शुरू करता है — “ये सेट कितने का?” — और जवाब तीन बातों पर टिका है: आज का भाव, वज़न, मेकिंग चार्ज। एक ग़लत आँकड़ा भरोसा तोड़ देता है। इसलिए असिस्टेंट कीमत सिर्फ़ वहीं से बताता है जहाँ आपने डाली है, और भाव का वह नियम लगाता है जो आपने लिखा है — “आज का भाव, और मेकिंग 12%” — कभी अपने से नहीं।
असिस्टेंट क्या पूछता है
- अवसर — शादी, सगाई, त्योहार, रोज़ का, गिफ़्ट — जिससे कलेक्शन तय होता है।
- बजट — रकम या रेंज; उससे सही रेंज की तस्वीरें, ऊपर-नीचे नहीं।
- धातु और डिज़ाइन — सोना, हीरा, चाँदी; हल्का या भारी; पारंपरिक या मॉडर्न।
- कब चाहिए — तारीख़ हो तो कस्टम ऑर्डर का समय उसी से तय।
तस्वीरें कैटलॉग से, कीमत नियम से
जिस डिज़ाइन का नाम असिस्टेंट लेता है, उसकी तस्वीर ख़ुद भेजता है — वही जो आपने कैटलॉग में डाली, वज़न और कीमत के साथ। भाव रोज़ बदलता है; आप एक जगह बदलते हैं, हर जवाब उसी से चलता है। कस्टम डिज़ाइन, बड़ा ऑर्डर, पुराने सोने का एक्सचेंज — इंसान के पास।
विज़िट और एडवांस
- शोरूम विज़िट का स्लॉट, पसंद के डिज़ाइन पहले से निकाल कर रखने का टास्क स्टाफ़ को।
- बुकिंग पर एडवांस की रिक्वेस्ट चैट में — UPI या कार्ड, आपके अपने अकाउंट में, रकम कैटलॉग से।
- ऑर्डर का हर स्टेटस — बन रहा है, हॉलमार्किंग, तैयार — उसी थ्रेड में।
- त्योहार से पहले, सिर्फ़ उन ग्राहकों को नया कलेक्शन जिन्होंने हाँ कहा है, और जिनकी पसंद उससे मिलती है।
इंसान क्या करता है
कस्टम ऑर्डर की बात, एक्सचेंज की परख, पाँच लाख से ऊपर का हर सौदा — नियम में लिखी रकम के ऊपर हर बातचीत सीधे मालिक या मैनेजर के पास, अब तक की पूरी जानकारी के साथ।
भाव रोज़ बदलता है — असिस्टेंट पुराना भाव तो नहीं बताएगा?
भाव एक फ़ील्ड है जो आप रोज़ बदलते हैं, और असिस्टेंट हर बार वहीं से पढ़ता है। आपने नहीं बदला तो वह वही बताएगा जो लिखा है — इसलिए सुबह का पहला काम भाव अपडेट करना है, या नियम में लिखिए कि भाव पूछने पर इंसान को दे।
क्या ग्राहक की तस्वीर देखकर कीमत बता सकता है?
नहीं। बाहर की तस्वीर पर वह डिज़ाइन का मिलान नहीं करता; ऐसी पूछताछ इंसान के पास जाती है।
एडवांस कहाँ जाता है?
आपके अपने Razorpay या WhatsApp पेमेंट अकाउंट में। Linkubit पैसे को कभी नहीं छूता।
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