Linkubit
Guideप्रकाशित 20 September 2026 · 5 मिनट

क्लिनिक, डेंटल और डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए WhatsApp अपॉइंटमेंट बुकिंग और रिमाइंडर

मरीज़ की पूछताछ का जवाब एक मिनट में, डॉक्टर और स्लॉट चुनकर अपॉइंटमेंट बुक, दो बार रिमाइंडर, रिपोर्ट और फ़ीस थ्रेड में, नो-शो पर ख़ुद फ़ॉलो-अप — WhatsApp पर, रिसेप्शन को बिना रोके।

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संक्षेप में

Linkubit क्लिनिक, डेंटल क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर की WhatsApp पूछताछ का जवाब एक मिनट में देता है, तकलीफ़, पसंदीदा डॉक्टर और समय पूछकर अपॉइंटमेंट बुक करता है, दो बार याद दिलाता है, फ़ीस और रिपोर्ट उसी थ्रेड में भेजता है, और जो मरीज़ नहीं आया उसे ख़ुद दोबारा समय देता है। रिसेप्शन फ़ोन पर नहीं, मरीज़ के साथ रहता है।

On this page
  1. क्लिनिक की पूछताछ कहाँ छूटती है
  2. असिस्टेंट क्या पूछता है
  3. बुकिंग से विज़िट तक
  4. क्या इंसान के पास जाता है

क्लिनिक की पूछताछ कहाँ छूटती है

रिसेप्शन पर, जब फ़ोन बज रहा है और सामने मरीज़ खड़ा है — WhatsApp पर आया “कल सुबह डॉक्टर हैं?” शाम तक बिना जवाब रहता है। फिर रिमाइंडर पर, जब कोई भेजता नहीं और बीस प्रतिशत स्लॉट ख़ाली जाते हैं। फिर रिपोर्ट पर, जब मरीज़ लेने आता है क्योंकि किसी ने भेजी नहीं।

असिस्टेंट क्या पूछता है

  • तकलीफ़ या सेवा — कंसल्टेशन, फ़ॉलो-अप, स्केलिंग, ब्लड टेस्ट — ताकि सही डॉक्टर और सही समय मिले।
  • डॉक्टर की पसंद, अगर कोई है; नहीं तो उपलब्ध पहला।
  • दिन और समय — कैलेंडर से खुले स्लॉट, बटन में, तीन विकल्प।
  • नया या पुराना मरीज़ — पुराना है तो रिकॉर्ड जुड़ जाता है।

ये चार जवाब मरीज़ के रिकॉर्ड पर लिखे जाते हैं, चैट में नहीं छूटते। बुकिंग के साथ मरीज़ को पुष्टि, क्लिनिक के कैलेंडर में एंट्री।

बुकिंग से विज़िट तक

  1. बुकिंग की पुष्टि, पता और दिशा-निर्देश उसी मैसेज में।
  2. एक दिन पहले रिमाइंडर, “हाँ, आ रहा हूँ” या “बदलना है” बटन के साथ। बदलना है तो नए स्लॉट वहीं।
  3. एक घंटे पहले दूसरा रिमाइंडर।
  4. विज़िट के बाद फ़ीस की रसीद, प्रिस्क्रिप्शन या रिपोर्ट PDF, अगले फ़ॉलो-अप की तारीख़।
  5. नहीं आया? असिस्टेंट ख़ुद पूछता है कि नया समय दें, और सूची में उसे ऊपर रखता है।

क्या इंसान के पास जाता है

इलाज का कोई भी सवाल। असिस्टेंट लक्षण पर राय नहीं देता, दवा नहीं सुझाता, रिपोर्ट नहीं पढ़ता — यह नियम कोड में है, प्रॉम्प्ट में नहीं। ऐसा मैसेज डॉक्टर या नर्स के पास जाता है, पूरी बातचीत के साथ। इमरजेंसी के शब्द आएँ तो पहले फ़ोन नंबर, फिर इंसान।

मरीज़ का डेटा

हर मैसेज भारत में (मुंबई) रहता है। मरीज़ STOP कहे तो रिमाइंडर के अलावा कुछ नहीं जाता; मिटाने को कहे तो रिकॉर्ड पूरा मिटता है। DPDP के तहत जो चाहिए, वह प्रोडक्ट में बना है।

क्या यह मरीज़ को दवा या इलाज बता सकता है?

नहीं। इलाज से जुड़ा हर सवाल इंसान के पास जाता है; असिस्टेंट सिर्फ़ बुकिंग, रिमाइंडर, फ़ीस, रिपोर्ट भेजना और रास्ता बताना करता है।

रिमाइंडर का ख़र्च क्या है?

रिमाइंडर एक यूटिलिटी टेम्पलेट है — Meta की भारत की दर पर, जो कीमत गाइड में है, और Linkubit उस पर कुछ नहीं जोड़ता। मरीज़ के जवाब देने के 24 घंटे के अंदर बाकी बातचीत मुफ़्त।

क्या यह हमारे मौजूदा अपॉइंटमेंट सॉफ़्टवेयर से जुड़ता है?

बुकिंग Linkubit के अपने कैलेंडर में बनती है और वेबहुक से बाहर जाती है; आपका सॉफ़्टवेयर उसे पढ़ सकता है। सीधे कनेक्टर अभी नहीं है।

आगे पढ़ें

अपने नंबर पर आज़माएँ। Linkubit आपके कैटलॉग से WhatsApp पर जवाब देता है, लीड क्वालिफ़ाई करता है और कोटेशन भेजता है — Meta की प्रति-मैसेज दर पर कुछ नहीं जोड़ता। मुफ़्त शुरू करें — चौदह दिन Pro, बिना कार्ड — या कीमतें देखें।